दिल
अकेले में हो तो रोता है
यूँ
तो महफ़िल में हँसता गाता है
दूसरों
के भी गम को ढोता है.
आज
कल ऐसा हाल होता है
रात
जगता है दिन में सोता है
साथी
बढ़ते ही जा रहे दिन दिन
और
ए ज़िन्दगी को खोता है.
आज
कल ऐसा हाल होता है
रात
भर जग के सपने बोता है
एक
ही बात कहता रहता है
आदमी
है कि रट्टू तोता है
पवन
तिवारी
०६/१२/२०२५