वक़्त
बदला बदल गया मौसम
खोजता
हूँ, कहाँ गया मौसम
दुःख
की आंधी सी अचानक आयी
सुख
का तिनका भी ले गया मौसम
क्या
कहूँ, कैसा हुआ है मौसम
दर्द
है, आह से
भरा मौसम
इक
रुलाई गले में अटकी है
आँसुओं
से भरा हुआ मौसम
इक
उदासी से भरा है मौसम
क्या
कहूँ कितना बुरा है मौसम
उमस
फैली है गंध घावों की
उनका
उपहास कर रहा मौसम
बड़े
दिनों से एक सा मौसम
हाय
क्यों यूँ ठहर गया मौसम
बुरा
समय दुखों का गट्ठर है
खुल
गया वो बुरा - बुरा मौसम
हो
बुरा वक़्त तो बुरा मौसम
वर्षा
गर्मी सभी बुरा मौसम
सारे
मौसम हैं एक से लगते
आये
जाए कि या रहे मौसम
पवन
तिवारी
१५/०६/२०२६