चवन्नी का मेला

चवन्नी का मेला

यह ब्लॉग अठन्नी वाले बाबूजी उपन्यास के लिए महाराष्ट्र हिन्दी अकादमी का बेहद कम उम्र में पुरस्कार पाने वाले युवा साहित्यकार,चिंतक,पत्रकार लेखक पवन तिवारी की पहली चर्चित पुस्तक "चवन्नी का मेला"के नाम से है.इसमें लिखे लेख,विचार,कहानी कविता, गीत ,गजल,नज्म व अन्य समस्त सामग्री लेखक की निजी सम्पत्ति है.लेखक की अनुमति के बिना इसका किसी भी प्रकार का उपयोग करना अपराध होगा...पवन तिवारी

बुधवार, 11 फ़रवरी 2026

तुम्हें जब से देखा यही सोचता हूँ!

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तुम्हें जब से देखा यही सोचता हूँ! तुम्हें अपना जीवन कलत्र चुनूँगा, अगर शब्दों ने साथ मेरा दिया तो तुम्हारी कहानी का काथिक बनूँगा   ...
शनिवार, 7 फ़रवरी 2026

भूल नहीं पाता हूँ

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भूल नहीं पाता हूँ लौट लौट आता हूँ दूर - दूर जा करके गाँव तुझे गाता हूँ   तू भी नहीं वैसा है वो न तेरे जैसा है नहीं एक सा कोई  ...
शुक्रवार, 2 जनवरी 2026

कैसे - कैसे लोग आये

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कैसे - कैसे लोग आये ज़िन्दगी में जोग आये पकड़   करके हाथ मेरा दूर   जाकर छोड़ आये   रास्ते में जल्दी जल्दी बड़े - छोटे मोड़ आये कित...
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हनुमत दुखवा हरो हमार

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    अंजनि मइया करें दुलार सीता मइया करें हैं प्यार रघुनंदन   है तात तुम्हार सूर्य पुत्र   के    तारणहार संकट मोचन नाम तुम्हार ...
रविवार, 7 दिसंबर 2025

आज कल ऐसा हाल होता है

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आज कल ऐसा हाल होता है दिल अकेले में हो तो रोता है यूँ तो महफ़िल में हँसता गाता है दूसरों के भी गम को ढोता है.   आज कल ऐसा हाल होत...
सोमवार, 1 दिसंबर 2025

पवन तिवारी के दोहे

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  कलयुग निज हित देखता, पाप पुण्य बेकार! जो यह सब है देखता,   उसपे   पड़ती   मार!!   जो जीवन में सत्य का, लिए पताका हाथ! सबसे पहले...
रविवार, 23 नवंबर 2025

कैसे कहूं अम्मा की याद नहीं आती

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अम्मा राजा बाबू बेटा कहकर खिलाती कैसे कहूं अम्मा   की   याद नहीं आती ?   गर्मी   में   आंचल   का     पंखा  बनाती जाड़े   में   आंचल...
मंगलवार, 18 नवंबर 2025

ज्यादातर की ज़िंदगी

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  पुस्तकों को करीने से सजा के जो रखता था वही अब ज़िन्दगी में तिनकों जैसा बिखरा है आपसी संबंधों को ज़मा करके जो रखता था आज वही हर जगह...
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शुक्रवार, 7 नवंबर 2025

स्वार्थ ने धृतराष्ट्र को अंधा किया

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स्वार्थ ने   धृतराष्ट्र   को अंधा किया नाम को इतिहास     में गंदा किया स्वार्थ का वो क्रम है बढ़ता जा रहा लोगों    ने    संबंध    को   ...
शनिवार, 25 अक्टूबर 2025

प्रेम की छाँव में राम की चाह में

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प्रेम की छाँव में राम की चाह में जानकी आ गयी गौरी की राह में गौरी ने पाया जब जानकी को शरण याद आया उन्हें अपना भी आचरण प्रेम में ...
बुधवार, 15 अक्टूबर 2025

तू किसी और की हो गयी

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तू किसी और की हो गयी ज़िन्दगी यूँ लगी खो गयी था लगा तेरे बिन कुछ नहीं तू गयी ज़िन्दगी तो गयी   स्वप्न की रागिनी सो गयी कीमती सबसे ...
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जन्म-1982 अम्बेडकरनगर ,उत्तर प्रदेश. गत 18 वर्षों से मुंबई में निवास.12 वर्ष की उम्र से लेखन ,पहला

पवन तिवारी
12 वर्ष की उम्र से कविता , कहानी आदि का लेखन, विद्यालयीन प्रतियोगिताओं में भाषण गायन, अन्ताक्षरी, एकांकी आदि में प्रथम .लेखक ,पत्रकार, वक्ता, शोध कर्ता, कई पत्र ,पत्रिकाओं का सम्पादन, फिल्म लेखन, कई पुस्तकों का सम्पादन, अब तक चार उपन्यास ( अठन्नी वाली बाबूजी, त्यागमूर्ति हिडिम्बा, विद्रोही शुक्राचार्य, पतिव्रता वेश्या ) दो कहानी संग्रह (चवन्नी का मेला, पेड़ा बाबा की कृपा ) तीन कविता संग्रह ( काले अक्षर कविता और कवि, मैंने प्रेम बो दिया और बाल कविता संग्रह बचपन की प्रकृति) एवं एक अनुवाद प्रकाशित ! सीबीएसई बोर्ड के तीसरी और चौथी कक्षा के हिंदी पाठ्यक्रम में बाल कवितायें शामिल! आकाशवाणी पर महापंडित राहुल सांकृत्यायन पर विशेष वक्तव्य, देश के सबसे बड़े भजन संकलन भजन गंगा का अतिथि सम्पादन, इंडियन प्रेस कौन्सिल की पहली स्मारिका का सम्पादन आदि
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