चवन्नी का मेला

चवन्नी का मेला

यह ब्लॉग अठन्नी वाले बाबूजी उपन्यास के लिए महाराष्ट्र हिन्दी अकादमी का बेहद कम उम्र में पुरस्कार पाने वाले युवा साहित्यकार,चिंतक,पत्रकार लेखक पवन तिवारी की पहली चर्चित पुस्तक "चवन्नी का मेला"के नाम से है.इसमें लिखे लेख,विचार,कहानी कविता, गीत ,गजल,नज्म व अन्य समस्त सामग्री लेखक की निजी सम्पत्ति है.लेखक की अनुमति के बिना इसका किसी भी प्रकार का उपयोग करना अपराध होगा...पवन तिवारी

बुधवार, 19 अक्टूबर 2022

जो सफल चाहने वाले उसके बहुत

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जो सफल   चाहने वाले उसके बहुत पर सफलता के होते भी दुश्मन बहुत कुछ सफल लोगों के हिय से पूछो जरा त्रास छल के भी किस्से मिलेंगे बहुत   ...
मंगलवार, 18 अक्टूबर 2022

लोग शहद से शब्द बोल के ज़हर पिलाते हैं

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लोग शहद से शब्द बोल के ज़हर पिलाते हैं मरने पर रोने का नाटक करके गाते हैं ऐसे ही बहुतेरे जग में भले बने फिरते शातिर लोग भी हँसकर अक्सर ...

साथी के आँगन में देखा हूँ जब से

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साथी  के   आँगन   में  देखा  हूँ जब से अन्तःकरण मेरा व्याकुल थोड़ा तब से तुमको देखा पुनः ह्रदय  तो मुस्काया तुम्हें ही सोचा तुम में  ही...

माया से यह मन खंडित है

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माया   से   यह   मन खंडित है अहंकार   में     बस   पंडित   है मिल जाये आशीष आप का समझूँगा    जीवन   मंडित है   प्रभु कीर्ति आप की ...

पुष्कर सा उर है खिल जाता

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पुष्कर सा उर है खिल जाता जब तेरा   दर्शन मिल जाता   ओझल दृग से जब होता है अंतरतम तब है हिल जाता   प्रत्यय   एक   तुम्हें   लेकर है...
बुधवार, 31 अगस्त 2022

डाही व्यक्ति की छाया से भी

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डाही   व्यक्ति   की   छाया से भी बचकर   रहने   में   ही     हित   है उनसे   तर्क     बहस   ना   करिए कलुषित उनका तन व चित है   प्र...
शुक्रवार, 26 अगस्त 2022

कुसुमित वय में हो जाता है

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कुसुमित   वय में हो जाता है अभिरूप   देख   खो जाता है मेरी   भी   दशा   सहज वैसी मन उसी नगर को जाता है   तुम प्रतिभा में लोकोत्तर ...
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शुक्रवार, 19 अगस्त 2022

इस तुमुल भरे जग जीवन में

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इस  तुमुल  भरे  जग  जीवन में मन तृषित शांति को भटक रहा सीधे - सच्चों  का   मुख  धूमिल कलुषों का मुख अधि चटक रहा   चहक  रहे  वे  लं...
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जन्म-1982 अम्बेडकरनगर ,उत्तर प्रदेश. गत 18 वर्षों से मुंबई में निवास.12 वर्ष की उम्र से लेखन ,पहला

पवन तिवारी
12 वर्ष की उम्र से कविता , कहानी आदि का लेखन, विद्यालयीन प्रतियोगिताओं में भाषण गायन, अन्ताक्षरी, एकांकी आदि में प्रथम .लेखक ,पत्रकार, वक्ता, शोध कर्ता, कई पत्र ,पत्रिकाओं का सम्पादन, फिल्म लेखन, कई पुस्तकों का सम्पादन, अब तक चार उपन्यास ( अठन्नी वाली बाबूजी, त्यागमूर्ति हिडिम्बा, विद्रोही शुक्राचार्य, पतिव्रता वेश्या ) दो कहानी संग्रह (चवन्नी का मेला, पेड़ा बाबा की कृपा ) तीन कविता संग्रह ( काले अक्षर कविता और कवि, मैंने प्रेम बो दिया और बाल कविता संग्रह बचपन की प्रकृति) एवं एक अनुवाद प्रकाशित ! सीबीएसई बोर्ड के तीसरी और चौथी कक्षा के हिंदी पाठ्यक्रम में बाल कवितायें शामिल! आकाशवाणी पर महापंडित राहुल सांकृत्यायन पर विशेष वक्तव्य, देश के सबसे बड़े भजन संकलन भजन गंगा का अतिथि सम्पादन, इंडियन प्रेस कौन्सिल की पहली स्मारिका का सम्पादन आदि
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