चवन्नी का मेला

चवन्नी का मेला

यह ब्लॉग अठन्नी वाले बाबूजी उपन्यास के लिए महाराष्ट्र हिन्दी अकादमी का बेहद कम उम्र में पुरस्कार पाने वाले युवा साहित्यकार,चिंतक,पत्रकार लेखक पवन तिवारी की पहली चर्चित पुस्तक "चवन्नी का मेला"के नाम से है.इसमें लिखे लेख,विचार,कहानी कविता, गीत ,गजल,नज्म व अन्य समस्त सामग्री लेखक की निजी सम्पत्ति है.लेखक की अनुमति के बिना इसका किसी भी प्रकार का उपयोग करना अपराध होगा...पवन तिवारी

शनिवार, 23 अक्टूबर 2021

मेरे गीत सुनाने होंगे

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मेरे गीत सुनाने होंगे   जब-जब दुःख बहलाने होंगे मेरे गीत सुनाने   होंगे दुःख की औषधि सदा रहेंगे इसके लेप लगाने होंगे   दुःख के लाख ब...

तुमने क्या है दिया

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तुमने क्या है दिया मैंने सोचा नहीं है ये निश्चित जियूँगा तुम्हारे लिए मेरे खातिर किया या  करोगे कभी मैं करूँगा  सभी कुछ तुम्हारे लिए ...
मंगलवार, 28 सितंबर 2021

स्वयं पर भरोसा

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जिनके   माथे चंदन घिसते वस्त्रों   से बदलते वे रिश्ते आवरण का खेल निराला है झूठे   मँहगे   सच्चे   सस्ते   छोटों के बड़े – बड़े   बस...
रविवार, 26 सितंबर 2021

प्रतिरोध और जीवन

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प्रतिरोधों   से   बनता जीवन राम भी भटके देखो वन-वन मर्यादा पुरुषोत्तम   हो   गये जग के दुःख का किया हवन   पीड़ाओं   के   सघन   अँधे...

मृत्यु और जीवन

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पथिक हैं सब  मृत्यु  के और ज़िन्दगी की बात करते आशा   के   उदात्त दीपक मृत्यु से  दो हाथ  करते     अचरजों में ये ही अचरज शेष   के...
शनिवार, 25 सितंबर 2021

प्रात की आहट

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नीम पर भी चहचहाहट बढ़ रही है दृश्य की स्पष्टता भी बढ़ रही है बदन से जाने लगा आलस्य भी है सूर्य की जग से निकटता बढ़ रही है   बर्तनों क...

सार्थक जिन्दगी की तरकीबें

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ऐसे लोगों पर हँसी आती है, आता है, कभी-कभी गुस्सा भी! जो सोचते हैं या बात करते हैं, मरने के बारे में मरना तो है ही मौत निश्चि...
शुक्रवार, 24 सितंबर 2021

बिन पानी पानी पानी

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आदमी का सानी रखना पानी का पानी रखना चाहे जैसी स्थिति हो गड़ही को रानी रखना   ताल की जवानी रखना नदी की रवानी रखना नहर को भी प्या...

होजा जिम्मेदार देखा घर-बार ये बाबू (अवधी लोक गीत )

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होजा जिम्मेदार देखा घर-बार ये बाबू तनी ठीक करा अपनो व्यवहार ये बाबू   अरे ठीक नाही यतनो दुलार ये बाबू तनी ठीक करा अपनो व्यवहार ये बा...
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जन्म-1982 अम्बेडकरनगर ,उत्तर प्रदेश. गत 18 वर्षों से मुंबई में निवास.12 वर्ष की उम्र से लेखन ,पहला

पवन तिवारी
12 वर्ष की उम्र से कविता , कहानी आदि का लेखन, विद्यालयीन प्रतियोगिताओं में भाषण गायन, अन्ताक्षरी, एकांकी आदि में प्रथम .लेखक ,पत्रकार, वक्ता, शोध कर्ता, कई पत्र ,पत्रिकाओं का सम्पादन, फिल्म लेखन, कई पुस्तकों का सम्पादन, अब तक चार उपन्यास ( अठन्नी वाली बाबूजी, त्यागमूर्ति हिडिम्बा, विद्रोही शुक्राचार्य, पतिव्रता वेश्या ) दो कहानी संग्रह (चवन्नी का मेला, पेड़ा बाबा की कृपा ) तीन कविता संग्रह ( काले अक्षर कविता और कवि, मैंने प्रेम बो दिया और बाल कविता संग्रह बचपन की प्रकृति) एवं एक अनुवाद प्रकाशित ! सीबीएसई बोर्ड के तीसरी और चौथी कक्षा के हिंदी पाठ्यक्रम में बाल कवितायें शामिल! आकाशवाणी पर महापंडित राहुल सांकृत्यायन पर विशेष वक्तव्य, देश के सबसे बड़े भजन संकलन भजन गंगा का अतिथि सम्पादन, इंडियन प्रेस कौन्सिल की पहली स्मारिका का सम्पादन आदि
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