चवन्नी का मेला

चवन्नी का मेला

यह ब्लॉग अठन्नी वाले बाबूजी उपन्यास के लिए महाराष्ट्र हिन्दी अकादमी का बेहद कम उम्र में पुरस्कार पाने वाले युवा साहित्यकार,चिंतक,पत्रकार लेखक पवन तिवारी की पहली चर्चित पुस्तक "चवन्नी का मेला"के नाम से है.इसमें लिखे लेख,विचार,कहानी कविता, गीत ,गजल,नज्म व अन्य समस्त सामग्री लेखक की निजी सम्पत्ति है.लेखक की अनुमति के बिना इसका किसी भी प्रकार का उपयोग करना अपराध होगा...पवन तिवारी

बुधवार, 24 अक्टूबर 2018

अपेक्षा

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जितनी  रहे  अपेक्षा , उतना  ही  मिले  दुःख बिन  अपेक्षा  के  स्वयं , आकर  मिले  सुख तेरा , मेरा , इसका , ...

इष्ट आह्वान

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कविता,   गीत ,   ग़ज़ल,   कहानी तुम न सुनो तो सब पानी-पानी आओ   नाथ   करूँ   आरम्भ मैं तुम्हारी   कृपा  से हमरी रव...
मंगलवार, 23 अक्टूबर 2018

अहंकारी

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मैं घोषित कर दिया गया हूँ अहंकारी उदण्ड और घमंडी जब भी होते हैं वे इकट्ठा किसी सार्वजनिक जगह पर, गली , गोष्ठी या चाय पर होती है बस म...
सोमवार, 22 अक्टूबर 2018

जग रूठा है सब छूटा है

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जग रूठा है, सब छूटा है बस शब्द लिए फिरता हूँ स्वाभिमान की रक्षा खातिर मैं थोड़ा - थोड़ा मरता हूँ मैं  ...
रविवार, 21 अक्टूबर 2018

मैं स्वतंत्र पथ का अनुगामी

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मैं स्वतंत्र   पथ  का  अनुगामी   बंधन नहीं मुझे भाया बात-बात पर हाँ जी- हाँ जी अति सुन्दर ना कह पाया आया   नहीं अर्थ की  खातिर  चरण...
शनिवार, 20 अक्टूबर 2018

अपने जीवन का मैं ही उपन्यास हूँ

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अपने   जीवन   का मैं ही उपन्यास हूँ मैं   लिखा   ना   गया   यूँ अनायास हूँ खूब अपमान ठोकर   बहुत कुछ मिला अपनी सारी व्यथाओं...
मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018

युवा साहित्यकार पवन तिवारी के व्यक्तित्व, कृतित्व पर चर्चा एवं साहित्य भूषण सम्मान

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मुंबई।  युवा साहित्यकार, कवि एवं पत्रकार पवन तिवारी के जीवन संघर्ष और लेखन पर समग्रता में चर्चा का आयोजन ठाणे (प.) के जिला परिषद मुख्यालय क...
शुक्रवार, 12 अक्टूबर 2018

मौकापरस्त

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सारे विश्वास स्वार्थ की बलि चढ़ गये दोस्त सब दोष मे रे ही सर मढ़ गये सबको     अपने   हित   सर्वोपरि   लगे जाने   कितने   बहाने   ...
सोमवार, 8 अक्टूबर 2018

मकान और घर

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कल जब मैं नये मकान में आया उदास सा दिखा पूरा मकान उसकी दीवारें,छतें, खिड़कियाँ यहाँ तक कि मुख्यद्वार...
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जन्म-1982 अम्बेडकरनगर ,उत्तर प्रदेश. गत 18 वर्षों से मुंबई में निवास.12 वर्ष की उम्र से लेखन ,पहला

पवन तिवारी
12 वर्ष की उम्र से कविता , कहानी आदि का लेखन, विद्यालयीन प्रतियोगिताओं में भाषण गायन, अन्ताक्षरी, एकांकी आदि में प्रथम .लेखक ,पत्रकार, वक्ता, शोध कर्ता, कई पत्र ,पत्रिकाओं का सम्पादन, फिल्म लेखन, कई पुस्तकों का सम्पादन, अब तक चार उपन्यास ( अठन्नी वाली बाबूजी, त्यागमूर्ति हिडिम्बा, विद्रोही शुक्राचार्य, पतिव्रता वेश्या ) दो कहानी संग्रह (चवन्नी का मेला, पेड़ा बाबा की कृपा ) तीन कविता संग्रह ( काले अक्षर कविता और कवि, मैंने प्रेम बो दिया और बाल कविता संग्रह बचपन की प्रकृति) एवं एक अनुवाद प्रकाशित ! सीबीएसई बोर्ड के तीसरी और चौथी कक्षा के हिंदी पाठ्यक्रम में बाल कवितायें शामिल! आकाशवाणी पर महापंडित राहुल सांकृत्यायन पर विशेष वक्तव्य, देश के सबसे बड़े भजन संकलन भजन गंगा का अतिथि सम्पादन, इंडियन प्रेस कौन्सिल की पहली स्मारिका का सम्पादन आदि
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