चवन्नी का मेला

चवन्नी का मेला

यह ब्लॉग अठन्नी वाले बाबूजी उपन्यास के लिए महाराष्ट्र हिन्दी अकादमी का बेहद कम उम्र में पुरस्कार पाने वाले युवा साहित्यकार,चिंतक,पत्रकार लेखक पवन तिवारी की पहली चर्चित पुस्तक "चवन्नी का मेला"के नाम से है.इसमें लिखे लेख,विचार,कहानी कविता, गीत ,गजल,नज्म व अन्य समस्त सामग्री लेखक की निजी सम्पत्ति है.लेखक की अनुमति के बिना इसका किसी भी प्रकार का उपयोग करना अपराध होगा...पवन तिवारी

सोमवार, 17 अक्टूबर 2016

संचार माध्यमों का सार्थक उपयोग

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आभासी दुनिया के मेरे प्रिय मित्रों.... सादर अभिवादन,    आज आप से पुनः इस खुले पत्र के माध्यम से संवाद करने का जोरदार मन हुआ. इतन...
रविवार, 16 अक्टूबर 2016

घर

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वो थी तो  घर था. वो छोड़कर गयी तो मकां हो गया . घर तो था मगर घर नहीं था . जिससे था अब वो ही नहीं था . बस एक घर की तलाश...
शनिवार, 15 अक्टूबर 2016

हजार दुखों का जवाब है बेटी

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बाहर से थका हारा ,मुरझाया, जब घर पहुंचता हूँ मैं. बेटी पापा कहके मुस्करा देती है . और हरा हो जात...
गुरुवार, 13 अक्टूबर 2016

आइये हिन्दी को राष्ट्रभाषा का सम्मान दिलाएं

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मित्रों   '' हिन्दी बने राष्ट्रभाषा अभियान ''   नाम से एक आन्दोलन मुंबई से प्रारम्भ हुआ है. इसकी शुरुआत पत्रकार बिजय...
बुधवार, 12 अक्टूबर 2016

तोंहसे मिलै के खातिर रहली बेकरार सजनी

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तोंहसे मिलै के खातिर रहली बेकरार सजनी. पइसा मेला लइके अइली हम उधार सजनी. हम्मै तोहसे करैके रहल प्यार सजनी. तब्बै तोंहसे मिले अइली ...

साँझ ढली नहीं आये रे संवरिया.

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साँझ ढली नहीं आये रे संवरिया. झींगुर बोले , दादुर टेरे. टप-टप चुए मोरी ओरिया. मेघा बरसे ,बिजुरी चमके हूक उठे मोरे हिय में संवर...
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जन्म-1982 अम्बेडकरनगर ,उत्तर प्रदेश. गत 18 वर्षों से मुंबई में निवास.12 वर्ष की उम्र से लेखन ,पहला

पवन तिवारी
12 वर्ष की उम्र से कविता , कहानी आदि का लेखन, विद्यालयीन प्रतियोगिताओं में भाषण गायन, अन्ताक्षरी, एकांकी आदि में प्रथम .लेखक ,पत्रकार, वक्ता, शोध कर्ता, कई पत्र ,पत्रिकाओं का सम्पादन, फिल्म लेखन, कई पुस्तकों का सम्पादन, अब तक चार उपन्यास ( अठन्नी वाली बाबूजी, त्यागमूर्ति हिडिम्बा, विद्रोही शुक्राचार्य, पतिव्रता वेश्या ) दो कहानी संग्रह (चवन्नी का मेला, पेड़ा बाबा की कृपा ) तीन कविता संग्रह ( काले अक्षर कविता और कवि, मैंने प्रेम बो दिया और बाल कविता संग्रह बचपन की प्रकृति) एवं एक अनुवाद प्रकाशित ! सीबीएसई बोर्ड के तीसरी और चौथी कक्षा के हिंदी पाठ्यक्रम में बाल कवितायें शामिल! आकाशवाणी पर महापंडित राहुल सांकृत्यायन पर विशेष वक्तव्य, देश के सबसे बड़े भजन संकलन भजन गंगा का अतिथि सम्पादन, इंडियन प्रेस कौन्सिल की पहली स्मारिका का सम्पादन आदि
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