चवन्नी का मेला

चवन्नी का मेला

यह ब्लॉग अठन्नी वाले बाबूजी उपन्यास के लिए महाराष्ट्र हिन्दी अकादमी का बेहद कम उम्र में पुरस्कार पाने वाले युवा साहित्यकार,चिंतक,पत्रकार लेखक पवन तिवारी की पहली चर्चित पुस्तक "चवन्नी का मेला"के नाम से है.इसमें लिखे लेख,विचार,कहानी कविता, गीत ,गजल,नज्म व अन्य समस्त सामग्री लेखक की निजी सम्पत्ति है.लेखक की अनुमति के बिना इसका किसी भी प्रकार का उपयोग करना अपराध होगा...पवन तिवारी

शनिवार, 20 अगस्त 2016

चवन्नी का मेला: क्या कोई राहुल, कोई केजरी, कोई राजा, कोई त्यागी कोई मीडिया लवकेश की आत्महत्या पर लब खोलेगा

›
चवन्नी का मेला: क्या कोई राहुल, कोई केजरी, कोई राजा, कोई त्यागी कोई मीडिया लवकेश की आत्महत्या पर लब खोलेगा

चवन्नी का मेला: पट्टीदार

›
चवन्नी का मेला: पट्टीदार

चवन्नी का मेला: हिंदी बने भारत की राष्ट्रभाषा

›
चवन्नी का मेला: हिंदी बने भारत की राष्ट्रभाषा

चवन्नी का मेला: अटल जी बनने की कोशिश मत करिए मोदी जी फेल हो जायेंगे

›
चवन्नी का मेला: अटल जी बनने की कोशिश मत करिए मोदी जी फेल हो जायेंगे
सोमवार, 8 अगस्त 2016

अटल जी बनने की कोशिश मत करिए मोदी जी फेल हो जायेंगे

›
मित्रों नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री बनने के बाद काफी बदल गये हैं. अब वे सिर्फ ''मोदी जी'' रह गये हैं.पहले वाला नरेन्द्र...
शनिवार, 6 अगस्त 2016

हिंदी बने भारत की राष्ट्रभाषा

›
मित्रों परसों अर्थात 1 अगस्त 2016  मुझे अचानक एक  अपरिचित व्यक्ति का फोन आया. उन्होंने कहा- मेरा नाम बि जय कुमार जैन है और मैं मराठी पत...
3 टिप्‍पणियां:
रविवार, 31 जुलाई 2016

पट्टीदार

›
पट्टीदार 24 साल पहले की बात है. मैं बना था बड़ा भाई घर में कई दिनों तक सोहर गूंजता रहा. सब खुस थे, मैं भी था बेहद खुस ढाई साल...
1 टिप्पणी:
गुरुवार, 7 जुलाई 2016

बाऊजी और कल्लू

›
जाड़े का मौसम था.मकर संक्रांति स्नान का पर्व एक दिन बाद था. एक दिन पहले ही मैं,अम्मा,पड़ोस वाली चाची, चार-पांच लड़कियां और पूर...
गुरुवार, 30 जून 2016

चवन्नी का मेला: निर्दयी और बदसूरत बारिश

›
चवन्नी का मेला: निर्दयी और बदसूरत बारिश : आप ने बारिश, बरसात, बर्षा की अनेक लुभावनी और सावन,मेघ–मल्हार,काले बादल, बरखा बहार,मौसम की फुहा...

निर्दयी और बदसूरत बारिश

›
आप ने बारिश, बरसात, बर्षा की अनेक लुभावनी और सावन,मेघ–मल्हार,काले बादल, बरखा बहार,मौसम की फुहार जैसी श्रृंगार और प्रेम की कवितायेँ प...
1 टिप्पणी:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

जन्म-1982 अम्बेडकरनगर ,उत्तर प्रदेश. गत 18 वर्षों से मुंबई में निवास.12 वर्ष की उम्र से लेखन ,पहला

पवन तिवारी
12 वर्ष की उम्र से कविता , कहानी आदि का लेखन, विद्यालयीन प्रतियोगिताओं में भाषण गायन, अन्ताक्षरी, एकांकी आदि में प्रथम .लेखक ,पत्रकार, वक्ता, शोध कर्ता, कई पत्र ,पत्रिकाओं का सम्पादन, फिल्म लेखन, कई पुस्तकों का सम्पादन, अब तक चार उपन्यास ( अठन्नी वाली बाबूजी, त्यागमूर्ति हिडिम्बा, विद्रोही शुक्राचार्य, पतिव्रता वेश्या ) दो कहानी संग्रह (चवन्नी का मेला, पेड़ा बाबा की कृपा ) तीन कविता संग्रह ( काले अक्षर कविता और कवि, मैंने प्रेम बो दिया और बाल कविता संग्रह बचपन की प्रकृति) एवं एक अनुवाद प्रकाशित ! सीबीएसई बोर्ड के तीसरी और चौथी कक्षा के हिंदी पाठ्यक्रम में बाल कवितायें शामिल! आकाशवाणी पर महापंडित राहुल सांकृत्यायन पर विशेष वक्तव्य, देश के सबसे बड़े भजन संकलन भजन गंगा का अतिथि सम्पादन, इंडियन प्रेस कौन्सिल की पहली स्मारिका का सम्पादन आदि
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.