चवन्नी का मेला

चवन्नी का मेला

यह ब्लॉग अठन्नी वाले बाबूजी उपन्यास के लिए महाराष्ट्र हिन्दी अकादमी का बेहद कम उम्र में पुरस्कार पाने वाले युवा साहित्यकार,चिंतक,पत्रकार लेखक पवन तिवारी की पहली चर्चित पुस्तक "चवन्नी का मेला"के नाम से है.इसमें लिखे लेख,विचार,कहानी कविता, गीत ,गजल,नज्म व अन्य समस्त सामग्री लेखक की निजी सम्पत्ति है.लेखक की अनुमति के बिना इसका किसी भी प्रकार का उपयोग करना अपराध होगा...पवन तिवारी

मंगलवार, 8 मार्च 2016

चित्रकला बनाना कैसे सीखें....? आइये जानें

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आज के आधुनिक युग में तमाम कलाएं व शैलियाँ भारत में फल- फूल रही हैं. उन्ही  में एक तेजी से पल्लवित - पुष्पित होती कला का नाम है ''चि...
बुधवार, 24 फ़रवरी 2016

जाटों नेंअपने ही घर की इज्जत लूट ली .क्या आप ने सीरिया को हरियाणा में नहीं देखा ?

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हरियाणा के अलग - अलग स्थानों  की तसवीरें अलग - अलग संचार माध्यमों से प्रसारित होकर आम भ्रारतीय तक पहुँच रही हैं. उसे देखकर  ...
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रविवार, 21 फ़रवरी 2016

आखिर आरक्षणासुर का वध ....?

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 आज मैं  आरक्षण की बात करूँगा पर आंकड़ों और इतिहास की बात नहीं करूँगा.कुछ और बात करूँगा बतौर आम भारतीय. आरक्षण एक बेहद ख़तरनाक राष्ट्रनाशक...
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सोमवार, 15 फ़रवरी 2016

हमारी दिल्ली यात्रा में शामिल लोग

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पिछले दिनों  हमारा दिल्ली जाना हुआ . हमने दिल्ली को फिर से कई साल बाद देखा फिर वही ट्रैफिक सड़क से अधिक वाहन साथ ही साथ यातायात की चरम अनुशा...
शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2016

जे एन यू के राष्ट्र द्रोहियों को उनकी औकात बताना जरुरी

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22 दिसम्बर 1966 को स्थापित  जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय आज राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है आज जो लोग जेएनयू के उन छात्रों क...
शनिवार, 6 फ़रवरी 2016

चवन्नी का मेला: स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता का योगदान पर एक ...

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चवन्नी का मेला: स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता का योगदान पर एक ... : स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता का योगदान पर एक संक्षिप्त दृष्टि ...

स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता का योगदान पर एक संक्षिप्त दृष्टि

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स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता का योगदान पर एक संक्षिप्त दृष्टि देश स्वतंत्र कराने में लेखनी का बहुत बड़ा योगदान रहा है. आज की तर...
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जन्म-1982 अम्बेडकरनगर ,उत्तर प्रदेश. गत 18 वर्षों से मुंबई में निवास.12 वर्ष की उम्र से लेखन ,पहला

पवन तिवारी
12 वर्ष की उम्र से कविता , कहानी आदि का लेखन, विद्यालयीन प्रतियोगिताओं में भाषण गायन, अन्ताक्षरी, एकांकी आदि में प्रथम .लेखक ,पत्रकार, वक्ता, शोध कर्ता, कई पत्र ,पत्रिकाओं का सम्पादन, फिल्म लेखन, कई पुस्तकों का सम्पादन, अब तक चार उपन्यास ( अठन्नी वाली बाबूजी, त्यागमूर्ति हिडिम्बा, विद्रोही शुक्राचार्य, पतिव्रता वेश्या ) दो कहानी संग्रह (चवन्नी का मेला, पेड़ा बाबा की कृपा ) तीन कविता संग्रह ( काले अक्षर कविता और कवि, मैंने प्रेम बो दिया और बाल कविता संग्रह बचपन की प्रकृति) एवं एक अनुवाद प्रकाशित ! सीबीएसई बोर्ड के तीसरी और चौथी कक्षा के हिंदी पाठ्यक्रम में बाल कवितायें शामिल! आकाशवाणी पर महापंडित राहुल सांकृत्यायन पर विशेष वक्तव्य, देश के सबसे बड़े भजन संकलन भजन गंगा का अतिथि सम्पादन, इंडियन प्रेस कौन्सिल की पहली स्मारिका का सम्पादन आदि
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